Thumb

एक घना जंगल था , उसके बीचो बीच एक बहुत बड़ा आम का पेड़ था l 

उस पेड़ पर एक तोता रहता था जिसका नाम था सोनू l 

वह प्यारा था, उसके बड़े बड़े पंख थे, एक लंबी सी पूँछ, पर उसमे एक बुरी आदत भी थी l

वह बहुत जल्दी गुस्सा हो जाता था। कोई उसके सामने बात भी करे, तो वह चिल्ला देता था।

सोनू हर थोड़े से थोड़े बात पर सभी जानवरो के ऊपर गुस्सा हो जाता था , इसलिए जंगल में बहुत कम जानवर ही उससे बाटे करते थे l 

इस बात से सोनू उदास भी रहता था l 

उसके आम के पेड़ के पास ही  ज़मीन में एक  खरगोश रहता था, उसका नाम राजू था l 

वो हमेशा शांत रहता और सबसे प्यार से बात करता। इसलिए जंगल के सभी जानवर उसे बहुत पसंद करते थे l 

एक दिन सोनू  पेड़ से नीचे उतरा और राजू  से बोला, “तू हमेशा शांत क्यों रहता है? क्या तुझे कभी भी गुस्सा नहीं आता है ?”

मुझे तो हर बात पर तुरंत गुस्सा आ जाता है , इतना कह कर सोनू चुप हो गया और राजू की ओर देखने लगा l 

राजू  मुस्कराया और बोला , “गुस्सा आता है, लेकिन मैं उसे अपने मन के गुब्बारे में भरता हूँ और हवा में उड़ जाने देता हूँ।”

सोनू उसकी बाटो को सुन कर हसने लगा , हस्ते हुए उसने कहा , “गुब्बारे में गुस्सा? ये कैसी बात हुई?”

राजू  बोला, “गुस्सा अगर अंदर रखोगे, तो दिल भारी हो जाएगा। अगर किसी पर फेंकोगे, तो वो टूट जाएगा। लेकिन अगर उसे गुब्बारे में भरकर छोड़ दो, तो न तुम दुखी, न सामने वाला।”

सोनू  राजू की बातो को सुनकर कुछ देर सोचने लगा फिर बिना कुछ बोले वहाँ से चला गया , और अगली बार जब उसे गुस्सा आया, तो उसने गहरी साँस ली और बोला, “जा गुस्से, उड़ जा!”

धीरे-धीरे सोनू का  गुस्सा कम होने  लगा। वह अभी सभी जानवरो से प्यार से बाते करने लगा था l

इस कारण से सभी जानवर अब उसे बहुत पसंद करने लगे थे और राजू  के साथ उसकी दोस्ती और भी गहरी हो गई l 


कहानी से सीख :

गुस्सा अंदर रखने से मन भारी होता है, और बाहर निकालो तो रिश्ता टूटता है। लेकिन अगर गुस्से को समझदारी से उड़ाओ, तो मन भी हल्का रहता है और दोस्त भी पास रहते हैं।

इस कहानी को सुनिए

Image Not Found

इस तरह की और भी कहानियाँ